यह देश

मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझता हूं कि मैं इस देश में जन्मा हूं । यह सब इसलिए नहीं कि यह देश विश्व में सर्वोत्तम है । नहीं, मैं इस भ्रम में नहीं जी रहा हूं । देश तो हर क्षेत्र में समस्याओं से जूझ रहा है । करोड़ों की संख्या में यहां के लोग बदहाली में जी रहे हैं । खुशभहमी के लिए अधिक जगह नहीं है । स्वयं को सौभाग्यशाली मानने का मेरा कारण तो यह है कि यह देश अद्वितीय है । यह ‘अतियों’ का देश है, यानी कोई भी क्षेत्र ले लें उसमें यह एक तरफ उत्कृष्टता के चरम पर है तो दूसरी ओर निकृष्टता की सामा को छू रहा होता है । चाहे भौगोलिक स्तर पर देखें या फिर सामाजिक स्तर पर, आपको वैविध्य के ही दर्शन होंगे । एक ओर अध्यात्म के चरम पर है, तो दूसरी तरफ भोगवाद से ग्रस्त है । एक ओर अपनी विरासत के प्रति गर्वान्वित होने का दम्भ भरता है, तो वहीं दूसरी ओर अपनी परंपराओ को त्यागने के लिए उतावला है । अद्भुत है यह देश । वास्तव में यह विचित्रताओं, विसंगतियों, विरोधाभासों और विविधताओं से अटा पड़ा है । बस यही इसकी खूबी है, पहचान है और संपदा है । यही सब मेरे सौभाग्य का आधार है । यह सब देखने-भोगने का अवसर भला कहीं और मिल सकता था मुझे ? – योगेन्द्र

यह देश” पर 3 विचार

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s